Wednesday, May 3, 2017

मन क्यों उदास है ?



मन क्यों उदास है ?
जाने कैसी ये प्यास है ? 
बुझती नहीं , 
रुकती नहीं , 
बड़ी तेज सांस है || 

क्यों वो मेरा नहीं ? 
जो मिला 
मिला नहीं 
जो नहीं मिला 
क्यों मिला नहीं 
कितने सवालों का 
ना कोई जवाब है || 

परछाइयों सी है 
खुशिया जो मिली 
रुसवाइयों सी है 
वाहवाहियां सभी
फिर भी गिला नहीं 
वही सिलसिला अगर 
तो फिर सिलसिला नहीं || 

हां कुछ मिटा तो है 
गम कुछ मिटा नहीं 
मेरे जख्म का अगर 
जो ईलाज मिल गया 
मेरे दर्द का मगर 
अब तक मिला नहीं || 


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