Thursday, March 30, 2017

तब तक ...


जब
मस्जिदों में हवन
मंदिरों से आजान होगी 
झोपड़ियों में मंत्री रहेंगे 
चौपालो पर विधान होगी

जब 
हर आंसू पर 
कार्य स्थगन 
हर भूख पर 
आपातकाल होगा 

तब समझना 
ये मुल्क आज़ाद है 
यहां हर शख़्श 
आबाद होगा 

तब तलक 
राजनीति में मुद्दे 
मुद्दों पर राजनीती का
वही घिसापिटा 
लिजलिजा 
हिसाब होगा 


Tuesday, March 28, 2017

नव वर्ष शुभ हो , मंगलमय हो !

GudiPadwa2017,VikramSamvat2074

नव वर्ष शुभ हो
नव वर्ष मंगलमय हो
यही शुभकामना है

मित्र हो मित्रवत
स्नेही सब रहे साथ
जीवन साथी से
हो मुलाक़ात
और जो बंध चुके है
जीवन भर
थामे रहे
एक दूजे का हाथ
जितना जो है
मिल बाटना है

नव वर्ष शुभ हो
नव वर्ष मंगलमय हो
यही शुभकामना है

जीवन रथ
सुघड़ रहे
सधे
साधू ऐसे
सारथी का
सदा सानिध्य हो
गुरुवर कृपा छाया में
हर रण से सामना है

नव वर्ष शुभ हो
नव वर्ष मंगलमय हो
यही शुभकामना है

आकांक्षाये आकाश छूती
उद्विग्न हो ना ही व्यथित
करे प्रेरित
रखे उर्वर
मन मस्तिष्क को
सोना नहीं इस वेला में
अब जागना है

नव वर्ष शुभ हो
नव वर्ष मंगलमय हो
यही शुभकामना है

Thursday, March 9, 2017

अहो ! सिर्फ नारी हूँ मैं !




मनुष्य कहाँ हूँ 
पशु से भी 
कमतर 
ढकी हुई 
लाचारी हूँ मैं !

संविधान के 
लच्छेदार 
अनुच्छेदों में 
उलझी हुई 
बीमारी हूँ मैं !

धर्मग्रंथो की 
ग्रंथियों में 
कुंठित 
शापित 
महामारी हूँ मैं !

विश्वपटल के 
क्रियाकलाप पर 
नैतिकता सी 
भारी हूँ मैं !

माँ 
पत्नी 
बहन 
बेटी 
हो बटी हुई 
हिन्दू मुस्लिम में 
कटी हुई
भाषण कविता में 
रटी हुई 
भूल गयी थी 
नारी हूँ मैं !

निर्लज्ज 
पौरुष के 
लम्पट 
कपट भवन में 
दबी हुई 
चिंगारी हूँ मैं ..... 



NO
PUBLIC or PERSONAL LAW (?)
ONLY
WOMAN'S LAW 
may change the scene